11 बहुएं मिलकर करती हैं सास की पूजा,, मृत्यु के बाद बनवाया सास का मंदिर-

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सास बहू का रिश्ता एक पवित्र रिश्ता होता है लेकिन कई बार सास बहू के बीच झगड़े की खबर सामने आती  है, लेकिन आज के इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसी कहानी से रूबरू कराएंगे जिसे सुनकर आप भी यकीनन चौंक उठेंगे.

सास को ही मान लिया देवी
दरअसल, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक परिवार रहता है जिस घर में 11 बहुए हैं साल 2010 में इनकी  सास गीता देवी का निधन हो गया था, इन सास और बहूओं में इस कदर प्रेम था कि सास की मृत्यु हो जाने के बाद से इन बहुओं ने अपने घर में अपनी सास की मूर्ति बनवाकर से बहुत सारे जेवरात पहना दिए और वर्तमान समय में उनकी पूजा करती हैं और साथ ही यहां पर  कीर्तन भी होता है. बता दें कि इन्होंने यह मंदिर साल 2010 में बनवाया था बिलासपुर के रतनपुर इलाके में यह परिवार रहता है इस परिवार को तंबोली परिवार के  नाम से जाना जाता है इस घर के मुखिया शिवप्रसाद तंबोली हैं जो कि एक रिटायर्ड शिक्षक हैं जिनकी उम्र 75 साल है.

सास को ही मान लिया देवी

इस परिवार में कुल 39  सदस्य रहते हैं जिनके बीच बेहद ही प्रेम है और इस परिवार में 11 बहुएं हैं जो बेहद प्रेम और सद्भाव से अपने परिवार को चलाती हैं और इतने साल बाद भी यह परिवार एक संयुक्त परिवार की मिसाल पेश करता है. यह सभी लोग एक ही परिवार में संयुक्त रूप से मिलकर रहते हैं इस घर में इस कदर प्रेम है कि जब कोई बहू काम करती है तो बाकी बहुओं से सलाह जरूर लेती है.

सास को ही मान लिया देवी

वहीं प्रसाद इस घर में सबसे बड़े हैं वह भी अपने भाइयों से बेहद प्रेम करते हैं और खास बात यह है कि यह सारी बहुएं पढ़ी-लिखी हैं और सब ग्रेजुएट भी हैं जो कि अपने पतियों के साथ कामकाज में उनकी मदद करती हैं और कामकाज में हाथ बटाती हैं.

सास को ही मान लिया देवी

आपको बता दें शिवप्रसाद शिक्षक पद से रिटायर होने के बाद एक दुकान चलाते हैं परिवार के पास कई सारे आय के स्रोत हैं जिसे यह सब मिलकर काम करते हैं इस परिवार के पास एक साबुन की फैक्ट्री, किराना की दुकान, पान की दुकान और कुल मिलाकर 20 एकड़ जमीन है जिस पर यह सब ही खाने के लिए अन्न पैदा करते हैं. इस परिवार का एक ही रसोई में खाना बनता है जो कि बेहद ही खुश करता है यह बहू में बताती है कितनी जनसंख्या होने के बाद भी आज तक किसी भी काम में कोई देरी नहीं हुई सब काम समय से पूरा कर लिया जाता है, और शाम को मिलकर एक साथ सब उस मूर्ति की पूजा करते हैं जो कि उनकी सास है. वर्तमान समय में जब सास बहू के झगड़े की खबरें लगातार आती रहती हैं तब यह बहुएं एक मिसाल पेश कर रही है  जिससे देश को प्रेरणा लेनी चाहिए और अपना जीवन को भी खूब खुशहाल बिताना चाहिए.