लॉकडाउन के कारण गई नौकरी, पहले तो हुई निराश लेकिन फिर खड़ी डाली अपनी खुद की कंपनी.

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साल 2020 में जब देश में कोरोनावायरस ने दस्तक दी तब लॉकडाउन पर लॉकडाउन लगता चला गया. इस लॉकडाउन में गरीबों को परेशानी होना तो आम बात थी, लेकिन गरीबों के साथ नौकरी पेशा लोगों को भी काफी दिक्कतें हो रही थी. दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में बड़ी कंपनियों में अच्छे पोस्ट पर काम कर रहे जैसे लोगों की भी नौकरी चली गई. जिसके बाद लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. ऐसे ही लोग जिनकी लॉकडाउन के दौरान नौकरी गई उन्हीं में से एक नाम था बिहार के मुजफ्फरपुर के वर्षा के.

मुजफ्फरपुर की रहने वाली वर्षा ने बड़े शहर से पढ़ाई करने के बाद दिल्ली जैसे बड़े शहर में अपनी काबिलियत के दम पर मल्टीनैशनल कंपनी में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई थीं. लेकिन लॉकडाउन की मार ने वर्षा को भी नहीं छोड़ा और मल्टीनैशनल कंपनी में बड़े पोस्ट पर काम कर रही वर्षा को पहले तो सैलरी में कटौती और समय में न मिलने की निराशा का सामना करना पड़ा, और फिर बाद में नौकरी से ही हाथ धोना पड़ा.

वर्षा बताती है कि लॉकडाउन के दौरान जब नौकरी की कमी होने लगी, तो पहले महिलाओं को ही अपने नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा था.

नौकरी जाने के बाद पहले तो वर्षा काफी निराश हुई लेकिन फिर कुछ समय में वर्षा ने खुद की कंपनी खड़ी कर डाली. नौकरी जाने के बाद वर्षा ने ठाना की अपने हुनर को जो हम दूसरे जे फायदे के लिए ईस्तेमाल करते है, अब से वह खुद के लिए करूंगी.

फिर वर्षा ने दिल्ली में ही अपनी डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ी एक कंपनी शुरू. और आज वर्षा की अपनी टीम चुकी है और उनकी सिर्फ लड़कियां ही काम कर रही हैं, क्योंकि उनका मानना है कि लॉकडाउन में पहले इनके ही नौकरी को टार्गेट किया गया था इसलिए इन्हें ही बढ़ने का मौका मिलना चाहिए.

बता दें आज वर्षा के पास 13 ल़डकियों की एक टीम है.