जावेद अख्तर ने RSS और तालिबान को बताया एक समान, शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

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हिंदी सिनेमा के जाने माने लेखक जावेद अख्तर इन दिनों अपने एक विवादित बयान के चलते काफी ज्यादा सुर्खियों में बने हुए हैं. दरअसल जावेद अख्तर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS की तुलना तालिबान से कर दी है, जिसके बाद से जावेद अख्तर बीजेपी नेताओं के निशाने पर आ गए हैं. इतना ही नहीं कुछ युवा नेताओं ने जावेद अख्तर के मुंबई में जुहू स्थित घर के सामने विरोध प्रदर्शन करना भी शुरू कर दिया है.

दरअसल, जावेद अख्तर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा था की RSS का समर्थन जो करते हैं उनकी मानसिकता बिल्कुल तालिबानियों की जैसी है. RSS का समर्थन करने वालों का आत्म परीक्षण करना चाहिए. RSS का समर्थन करने वाले और तालिबान में कोई अंतर नहीं रह गया. उनकी जमीन मजबूत हो रही है और वह अपने टारगेट की तरफ काफी तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में RSS का समर्थन करने वाले और तालिबानियों की मानसिकता एक जैसी है.

जावेद अख्तर के इस विवादित बयान के बाद से ही जावेद अख्तर के घर के सामने कुछ युवा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. उनका यह बयान बीजेपी के यूथ विंग को बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि RSS के सभी लोग बुरे दौर में लोगों की सहायता करते हैं, ऐसे में जावेद अख्तर ने कैसे RSS की तुलना तालिबान से कर दी. जब तक जावेद अख्तर हम से माफी नहीं मांग लेते तब तक हम अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.

यहां तक कि प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि इतना पढ़ा लिखा आदमी इस तरह की बयान बाजी कर सकता है. एक प्रदर्शनकारी ने तो यह तक कह दिया कि हमें लगता है कि जावेद अख्तर मानसिक रूप से ठीक नहीं है, इस देश ने जावेद अख्तर को क्या-क्या नहीं दिया फिर भी जावेद अख्तर इस कदर बयान बाजी करेंगे यह किसी को उम्मीद नहीं थी.

उसने आगे कहा कि जब तक जावेद अख्तर माफी नहीं मांगते तब तक हम इस आंदोलन को ऐसे ही बढ़ाते चले जाएंगे. जावेद अख्तर के इस बयान पर भाजपा के नेता और प्रवक्ता राम कदम ने भी आपत्ति की है. उन्होंने कहा है कि जावेद अख्तर को सोचना चाहिए कि RSS से जुड़े लोग ही इस वक्त देश में राजनीति को चला रहे हैं और राजधर्म का पालन कर रहे हैं, ऐसे में RSS की तुलना तालिबान से करना जावेद अख्तर को शोभा नहीं देता है.