इतनी कीमत से बना है ज्योतिरादित्य सिंधिया का महल, बने हैं  400 कमरे-

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भारतीय जनता पार्टी के बेखौफ,बेबाक नेताओं की लिस्ट में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया को तो आप जानते ही होंगे कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया अब केंद्र सरकार में मंत्री बन चुके हैं, और उनका भारतीय राजनीति में अच्छा खासा वर्चस्व है और उन्हें भारतीय जनता पार्टी में भी अच्छा खासा औहदा प्राप्त है. आज के इस पोस्ट में हम आपको उनकी संपत्ति के बारे में बताएंगे तो चलिए शुरू करते हैं.

The Lost Son Of Congress: What Entails For Jyotiraditya Scindia?ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर से संबंध रखते हैं बताया जाता है कि ग्वालियर के राजा जीवाजी सिंधिया के पुत्र हैं जो कि  आखिरी बार ग्वालियर के राजा थे, ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए उनका परिवार उनके लिए ढेरों संपत्ति तथा गहने छोड़ कर गया है ज्योतिरादित्य सिंधिया,,,,, सिंधिया घराने से संबंध रखते हैं, उनके पिता माधवराव सिंधिया भी कांग्रेस में एक अच्छा खासा औहदा रखते थे और एक कद्दावर नेता थे. ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाबा का नाम जीवाजी सिंधिया था जो कि ग्वालियर के अंतिम महाराजा थे.

Rs 2,970 crore property including palatial Jai Vilas Mahal: How much is Jyotiraditya  Scindia worth?जिस महल में ज्योतिरादित्य सिंधिया रहते हैं उस महल को 1874 में बनाया गया था महल को बेहद ही कुशलता से बनाया गया था और इसमें खूबसूरती का तो कोई कहना ही नहीं है बेहद ही खूबसूरत यह महल है. और यह महल इतने साल बाद भी ऐसा ही बना हुआ है जैसा वर्षों पहले था.  आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस महल की कीमत 4000 करोड रुपए से ज्यादा है और इतनी वर्षों बाद भी इसकी शान और शौकत में कोई भी कमी नहीं आई है. यह महल 12 लाख वर्ग फीट तक फैला हुआ है यह देखने में बेहद ही खूबसूरत है और इसके अंदर लगभग 400 से अधिक कमरे बने हुए हैं. जब यह महल बना था तो इसमें एक जनता के लिए जनता दरबार भी बनाया गया था जो अपने आप में बेहद ही खास है आप उसकी खूबसूरती का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि उसमें बड़े झूमर लगे हैं.

400 कमरे, दीवारों पर सोना-चांदी: ऐसा है 'महाराज' ज्योतिरादित्य सिंधिया का  महल, 4 हज़ार करोड़ है कीमत - Jyotiraditya scindia mahal photos jai vilas  palace gwalior madhya pradesh ...झूमरों के बारे में कहा जाता है कि जब यह झूमर लगाए गए थे  उससे पहले 10 हाथियों को छत पर चढ़ाया गया था जिससे छत की मजबूती चेक की जा सके क्योंकि झूमरों में काफी वजन था इसके बाद यह झूमर लटकाए गए थे. यह राजमहल को ग्वालियर के महाराजाधिराज जीवाजी सिंधिया अलीजाह बहादुर द्वारा सन 1874 में बनवाया गया था. इतने वर्षों पूर्व उस समय भी इस भव्य महल के निर्माण में लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत आयी थी. इसे डिज़ाइन करने वाले आर्किटेक्ट का नाम सर माइकल फिलोस थे आर्किटेक्ट फिलोस ने यह महल को वास्तुकला की कई शैलियों जैसे इतालवी, टस्कन और कोरिंथियन शैली इत्यादि से प्रेरित होकर बनाया था.

Congress should change its name and reach out to people, says Jyotiraditya  Scindia | Deccan Herald इस महल को इस तरीके से बनाया गया है कि इसको आम जनता भी देख सके इसका एक हिस्सा संरक्षित रखा गया है आपको बता दें कि इसको वेल्स के राजकुमार किंग ”एडवर्ड वीआईआई”के लिए स्पेशल बनाया गया था और फिर बाद में यही राज महल सिंधिया राजवंश का निवास स्थान बन गया.और आज इसके मालिक ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं जिनको की हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार में कैबिनेट मिनिस्टर बनाया गया है इस कैबिनेट विस्तार में उन्हें उद्यान विभाग मिला है