अयोध्या की मस्जिद के निर्माण में आया नया पेंच

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आयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से निकला था। जिसके बाद मंदिर निर्माण के लिए सम्मान निधि के एक मात्र आवाहन पर पूरा देश उमड़ आया।

देखते ही देखते हजारों करोड़ रुपये एकत्रित हो गया। पर इसके विपरीत अयोध्या में ही मस्जिद निर्माण के लिए भी जमीन कोर्ट द्वारा दी गई थी, मस्जिद निर्माण के लिए 16 माह में महज 20 लाख का चंदा ही मिल पाया है।

बता दें कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या के धनीपुर में मस्जिद की भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को आवंटित की गई थी। जिसके बाद वक्फ बोर्ड ने इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन ट्रस्ट का गठन किया।

चंदा जुटाने के लिए से ट्रस्ट के नाम बैंक में खाता खुलवाया गया। ट्रस्ट के गठन के बाद 16 माह बीत गये पर अभी तक मस्जिद निर्माण के लिए महज 20 लाख रुपये ही एकत्रित हो सके। जिसको लेकर इकबाल अंसारी ने ट्रस्ट पर बड़ा आरोप लगाया है।

इकबाल अंसारी ने कहा कि जफर फारूकी द्वारा बनाया गया ट्रस्ट उनका निजी ट्रस्ट है और ट्रस्ट के लोग यदि सामाजिक होते तो मस्जिद निर्माण के लिए भी बहुत से पैसा आता, लेकिन ये लोग सामाजिक नहीं हैं.

हम चाहते हैं कि ट्रस्ट में फेरबदल किया जाए। जब तक ट्रस्टी नहीं बदले जाएंगे तब तक लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

बता दें कि राम मंदिर की विवादित भूमि के समय समुदाय विशेष के लोग बड़ी बड़ी ढींगें हांकते थे। मस्जिद निर्माण कराने के लिए बडी बड़ी बातें करते थे। पर जब मस्जिद निमार्ण के लिए जमीन दे दी गई हो।

तो इसका हाल कुछ और ही बताता है। फरवरी 2020 में इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन ट्रस्ट का गठन किया गया, ट्रस्ट के गठन के बाद 16 माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मस्जिद निर्माण के लिए 20 लाख रुपये एकत्रित हो सका है।

जो दिखाता है कि विशेष समुदाय के लोग मस्जिद निर्माण के लिए बिल्कुल भी रुचि नहीं रखते। बस हिंसा फैलाने के लिए ही मस्जिद निर्माण की बात करते थे।
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