जेल से छूटने के बाद लालू यादव घर नहीं बल्कि इस जगह गये

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राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव तीन साल बाद जेल से रिहा कर दिए गए हैं. उन्हें दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया है. रिहा होने के बाद लालू अपनी बेटी मीसा भारती के घर शिफ्ट हुए हैं. उनकी नासाज़ तबीयत को देखते हुए उन्हें अगले कुछ दिनों तक डॉक्टर्स की निगरानी में रखा जाएगा.

लालू को 17 अप्रैल को हाईकोर्ट की ओर से जमानत दे दी गई थी, लेकिन कोरोना वायरस से बढ़ते संक्रमण को लेकर वह 12 दिनों के बाद रिहा हो सके हैं.

लालू को एम्स से छुट्टी मिल गई है. उनका स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर है, लेकिन अब तक वह पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं. ऐसे में दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स ने उन्हें दिल्ली में ही डॉक्टर्स की निगरानी में रहने की सालाह दी है. और यही लालू यादव के पटना नहीं पहुंचने का प्रमुख कारण है.

लालू को कब मिली जमानत?

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और RJD प्रमुख लालू यादव को झारखंड हाईकोर्ट से एक मामले में 13 अप्रैल को जमानत मिल गई थी.

लालू को ये जमानत दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में मिली थी. इस बेल के बाद लालू यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ़ हो गया था.

क्या है दुमका कोषागार मामला

दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार से 3.76 करोड़ की अवैध निकासी की गई थी. इस दौरान संयुक्त बिहार (आज का बिहार और झाड़खंड) के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव थे. इस मामले में CBI ने लालू सहित 31 लोगों को आरोपी बनाया था.

कोर्ट में हुए ट्रायल के दौरान 3.76 करोड़ की राशि अवैध तरीके से निकालने का आरोप सही पाया गया. ये पैसे जानवरों के चारा, कृषि उपकरणों और दवाओं के नाम पर निकाले गए थे. CBI कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव सहित दूसरे आरोपियों को सजा सुनाई थी.