2 साल की उम्र में खो दी थी आंखों की रोशनी इसके बाद साल 2018 में बने आईएएस-

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अक्सर कहा जाता है जो अपने जीवन में कुछ बड़ा करने की ठान लेता है उसके सामने चाहे कितनी भी परिस्थितियां खराब हों वह हार नहीं मानता है. आज के इस पोस्ट में हम आपको राकेश शर्मा की कहानी बताने वाले हैं जिनकी 2 साल की उम्र में ही दृष्टि चली गई थी और फिर कड़ी मेहनत के बाद आईएएस का सफर तय किया.

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दृष्टिहीन राकेश शर्मा को फिर अनाथ आश्रम में छोड़ने का भी प्लान बनाया गया लेकिन लोगों के कहने पर परिवार ने उनको अनाथ आश्रम नहीं छोड़ा बल्कि उनको अपने घर ही रहकर अच्छे से देखभाल की इसी की बदौलत राकेश शर्मा ने 2018 में इतिहास की एक नई इबादत लिख दी. 2018 की यूपीएससी upsc परीक्षा में उन्होंने इस कारनामे को पूरा किया उन्होंने यह एग्जाम दिया और इस एग्जाम में 608वी रैंक हासिल की और उन्होंने बता दिया कि अगर इंसान सच्चे मन से कुछ करने की चाहत रखता है तो उसके सामने कुछ भी असंभव नहीं है.

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घरवाले बताते हैं कि जब राकेश 2 साल के थे तब उनकी एक एक्सीडेंट के कारण आंखों की रोशनी चली गई थी. आपको बता दें राकेश शर्मा का जन्म हरियाणा के भिवानी जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था. इस मुश्किल समय में राकेश का सहारा उनके माता-पिता बनकर रहे. राकेश ने कभी भी संघर्ष से हार नहीं मानी और परिस्थितियों से लड़ते रहे उनके परिवार ने भी उनकी इस सफलता में उनका खूब साथ दिया.

Success Story Of Ias Rakesh Sharma Who Passed Upsc Without Eyes In First  Attempt - Success Story: 2 साल की उम्र में खोई आंखों की रोशनी, पहले ही  प्रयास में Upsc पास

अब राकेश के सामने पढ़ने की बहुत बड़ी समस्या थी लेकिन राकेश के माता-पिता ने एक स्पेशल स्कूल में उनका एडमिशन करवाया और वहां से उन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त की उसके बाद दृष्टिहीन बच्चों के लिए शिक्षा पद्धति के आधार पर अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और उसके बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गए. लक्ष्य आसान नहीं था लेकिन राकेश के सपनों के सामने यह लक्ष्य मुश्किल भी नहीं नजर आ रहा था, राकेश ने अपने ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की और कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद साल 2018 में एक नया कारनामा कर दिखाया, राकेश न्यू उन सब लोगों के मुंह बंद करा दिए जो इसे अनाथालय में डालने की सलाह दिया करते थे 2 साल की उम्र में दृष्टि खोने वाले राकेश अब आईएस(ias)बन गए थे और उन्होंने आईएएस बनकर अपने परिवार माता-पिता का नाम रोशन किया.

आंखों से दिखाई नहीं देता, सुन सुनकर की पढ़ाई से देश का बड़ा अधिकारी बन गया  गरीब लड़का | blind by eyes not by dreams Rakesh Sharma who scored 608 rank  in

इस पोस्ट से हमें यह सीख मिलती है कि हमें परिस्थितियों से हार नहीं मानी चाहिए बल्कि आखिरी मौके तक लड़ना चाहिए अगर आप सच्चे दिल से मेहनत करते हैं तो निश्चित ही आप मंजिल तक पहुंच जाते हैं, और ऐसा ही कुछ कर दिखाया दृष्टिहीन राकेश शर्मा की इस हिम्मत ने.