महामारी के दौर में मरीजो के लिए शिक्षक बना ऑटो ड्राइवर, मुफ्त करते है सेवा

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कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में एक बेहद ही डरावना माहौल बना दिया है। सरकार हरकदम प्रयास कर रही है इसे काबू करने को। इस महामारी का सबसे भयावह मंजर ये है के कुछ लोग तो अपनो से ही दूरी बना रहे है, अपने रिस्तेदारो को अस्पताल भी ल जाने से हिचकिचा रहे है तो वही कुछ लोग ऐसे समय में फरिस्ते बन कर सामने आये है। ये लोग न सिर्फ बीमार और जरूरतमंदो की सेवा कर रहे है बल्कि अपनी भी जान जोखिम में डाल रहे है। बावजूद इसके वो पूरे जी जान से लोगो के सेवा में लगे है। ऐसे ही लोगो में शुमार है “दत्तात्रेय सावंत”।

 English teacher Dattatray Sawant turned auto driver

महाराष्ट्र के मुम्बई (घाटकोपर) के रहने वाले दत्तात्रय सावंत पेशे से विद्या मंदिर स्कूल में अंग्रेजी शिक्षक है लेकिन लॉकडाउन के वजह से स्कूल फिलहाल बन्द है। ऐसे में दत्तात्रेय पीपीई किट पहन ऑटो से मरीजो की सेवा कर रहे है। यही नही व्व हर मरीज को लाने जाने के बाद ऑटो को साफ और सैनिटाइज कर रहे है। अब तक वो 30 से ज्यादा मरीजो को निःशुल्क सेवा दे सके है। वो कहते है के जब तक देश में कोरोना रहेगा तब तक मैं निःशुल्क निःस्वार्थ मरीजो का सेवा करता रहूंगा।

वो ये भी बताते है के एम्बुलेंस के महंगे होने के वजह से देश में लाखो लोगो को परेसानी हो रहा है। गरीब लोग ऐसे है जो इसको अफ़्फोर्ड नही सकते है। उनका कहना है के जो लोग दूसरे लोगो की मदद कर सकते है उन्हें आगे आना चाहिए और जितना हो सके उतना मदद करना चाहिए। आखिर यही मानवता है।